पति-पत्नी का रिश्ता शांतिमय व खुशहाल हो, इसके लिए उन दोनों के बीच तालमेल होना बहुत जरुरी है। लेकिन घर के कुछ वास्तु दोषों के कारण इनके बीच की यह तालमेल नहीं पाती। जिसके कारण वे संतान सुख से भी वंचित रहते हैं। वास्तु के कुछ टिप्स अपनाकर इसे इस रिश्ते को अच्छा करने के साथ साथ संतान सुख का आनंद भी उठा सकते हैं।
- संतान सुख में देरी हो रही हो तो पति-पत्नी को संतान प्राप्ति होने तक उत्तर-पश्चिम या उत्तर दिशा में स्थित शयनकक्ष में सोना चाहिए।
- बेड पर एक ही गद्दे का उपयोग करें। एक बेड पर दो अलग अलग गद्दों का उपयोग करने से आपसी मतभेद बढ़ने लगता है।
- बीम के निचे बेड न लगाए। बीम के निचे सोने से अलगाव बढ़ जाता है।
- शयनकक्ष की दीवारों का रंग गुलाबी या पीला करना चाहिए।
- वैवाहिक जीवन में मधुरता बनाये रखने के लिए घर में रोजाना या सप्ताह में एक बार नमक मिले हुए पानी से पोंछा लगाना चाहिए।
- यदि पति-पत्नी के बीच कुछ ज्यादा ही वाद-विवाद होते रहते हैं तो घर के लिए गेंहू शनिवार को पिसवाना चाहिए। गेंहू पिसवाते समय कुछ काले चने भी डाल देना चाहिए।
- पति-पत्नी जिस कमरे में सोये उसमे उसमे ड्रेसिंग टेबल नहीं रखना चाहिए। अगर रखना ही पड़े तो सोते समय उसे किसी चादर से ढक दें।
- शयनकक्ष की दीवार पर श्री राधा कृष्ण, खिले हुवे गुलाब या हँसते हुए बच्चे का चित्र लगाना भी शुभ फलदायी मन गया है।
- पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास बनाये रखने के लिए बिस्तर एकदम साफ रखना चाहिए। चादर दो-तीन दिनों में बदलते रहें।
- पति-पत्नी में परस्पर प्रेम बढ़ने के लिए शयनकक्ष में बिस्तर पर लाल-गुलाबी चादर या कम्बल या रजाई का प्रयोग करना चाहिए।

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